महिदपुर में कोरोना मरीजों के लिए अब तक नहीं बना कोविड अस्पताल, मरीज हो रहे है परेशान
MAHIDPUR @ JAY CHOUHAN
महिदपुर में शुक्रवार को सिविल अस्पताल में पत्रकार और जनप्रतिनिधियों ने कोविड सेंटर का निरीक्षण किया। हालांकि मंत्री मोहन यादव द्वारा 7 दिन पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद अब तक कोविड सेंटर बनकर तैयार नहीं हुआ है। जिसको लेकर कोरोना संदिग्ध मरीज परेशान होते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं अस्पताल में व्यवस्थित उपचार नहीं होने के कारण लोग शासकीय चिकित्सक के निजी घरों पर जाकर अपना उपचार करा रहे हैं।
महिदपुर में लगातार कोरोना संक्रमण का प्रभाव बढ़ गया है। अब तक कोरोना के दूसरे चरण में 80 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इसीलिए 7 दिन पहले महिदपुर में मंत्री मोहन यादव ने कोरोना की समीक्षा के दौरान सिविल अस्पताल में 10 बस्तरीय कोविड सेंटर शुरू करने के निर्देश दिए थे। लेकिन 1 सप्ताह बीत जाने के बावजूद भी अस्पताल में ना तो ऑक्सीजन की लाइन लगाई गई है और ना ही ऑक्सीजन मशीन और सिलेंडर अस्पताल के पास उपलब्ध है। ऐसे में मजबूरन संदिग्ध कोरोना मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मेडिकल ऑफिसर डॉ नितिन आचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि रोगी कल्याण समिति द्वारा जरूरी संसाधन जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। संसाधनों की कमी और मैनेजमेंट के कारण परेशानी आ रही है। जिसके लेकर अब तक कोविड सेंटर तैयार नहीं हो पाया है। इतना ही नहीं सिविल अस्पताल के शासकीय चिकित्सकों द्वारा अपने घरों पर निजी प्रैक्टिस की जा रही है। अस्पताल में मरीजों का उपचार ठीक से नहीं हो रहा है। शुक्रवार को इन्हीं सब मामलों को लेकर पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल में पैथोलॉजी लैब में लोगों की जांच नहीं की जा रही है। स्टाफ की कमी होने के कारण मरीजों को ठीक से नहीं देखा जा रहा है। हालाकि इस पूरे मामले को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। लेकिन मेडिकल ऑफिसर का कहना है कि व्यवस्था जुटाने में समय लगेगा। शीघ्र ही कोविड सेंटर तैयार हो जाएगा।
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