ग्वालियर से आए सिंधिया ट्रस्ट के पदाधकिारी, कई दिनों तक चलेगा सीमांकन

ujjain @ शहर में सिंधिया घराने की कई संपत्तियां हैं। कुछ स्थानाें के प्राचीन इमारताें में ताे इसके प्रमाण भी मिलते हैं। सिंधिया देव स्थान ट्रस्ट ग्वालियर के पदाधिकारियाें ने इस संबंध में प्रशासन से पूछा है कि उन्हें नपती कर बताया जाए कि उनकी कहां-कहां कितनी जमीन/भवन व स्थाई संपत्ति है। इस बारे में ट्रस्ट के दाे पदाधिकारी उज्जैन पहुंचे और कलेक्टर शशांक मिश्र काे सीमांकन के लिए आवेदन दिया है। प्रशासन ने सीमांकन के लिए टीमें गठित कर दी हैं। आवेदन में गाेपाल मंदिर, राणाेजी की छतरी, मदन माेहन मंदिर, टाल वाली जमीन और मानुपरा गांव की जमीन के बारे में जानकारी मांगी गई है।

ऐसे में सिंधिया ट्रस्ट देवस्थान की जमीन का आज सीमांकन किया गया। ग्वालियर से सिंधिया ट्रस्ट के पदाधिकारी और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से आज राणो जी की छत्री, गोपाल मंदिर, केडी पैलेस सहित अन्य स्थानों का सीमांकन किया। हालांकि यह सीमांकन कई दिनों तक चलेगा। ट्रस्ट सचिव करण सिंह ने बताया कि यह एक रूटीन प्रक्रिया है। ट्रस्ट की जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा न हो सके और आने वाली पीढी को मालूम हो कि सिंधिया ट्रस्ट की कितनी जमीन है। इसलिए यह सीमांकन कराया जा रहा है।

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