व्यक्ति जन्म से नहीं कर्म से बनता महान

योगेन्द्र सिंह शाक्य

Mahidpur Road @ व्यक्ति जन्म से नहीं कर्म से बनता महान

सुगुरू सुदेव सुधर्म की शरण से ही होता मानव भाव पार .. साध्वी श्री जी
महिदपुर रोड .. मनुष्य चाहे किसी भी कुल में जन्म ले अगर वह अच्छे एवं सदकार्य करता है साथ ही धर्म और समाज की वृद्धि के कार्य निरंतर करता रहता है तो एक न एक दिन नगर समाज और देश का नाम गौरवान्वित करता है इसलिए कहा जाता है कि व्यक्ति जन्म से नहीं अपने कर्मों से महान होता है मनुष्य जन्म पाने के बाद व्यक्ति अच्छे परोपकार के सदकार्यों को नहीं करता है तो वह मानव होते हुए भी पशु तुल्य है मनुष्य को अपनी लक्ष्मी का सदुपयोग हमेशा मानव सेवा,जीव दया एवं धर्म कार्य में करते रहना चाहिए क्योंकि धर्म में लगाई हुई लक्ष्मी पुण्य के प्रभाव से कई गुना बढ़ कर हमें वापस प्राप्त होती है। अशरण भावना का महत्व बताते हुए कहां की देह का वियोग ही मरण है यह अनिवार्य है क्योंकि कोई शरण नहीं है यही अशरण है इस जीव को मरण काल आजाने पर सेना की शक्ति, देवी देवता, माता पिता और परिवार जन कोई नहीं बचा सकता इनका चिंतन हीं अशरण भावना है इसलिए हमें निरंतर सुगुरु सुदेव सुधर्म की शरण लेना चाहिए जिससे हमारा आत्म कल्याण हो उक्त विचार परम पूज्य साध्वी विद्ववद गुणा श्रीजी एवं रश्मि प्रभा श्रीजी म.सा ने जी ने धर्मसभा में जिनवाणी का श्रवण कराते हुए कहे। धर्म सभा में जैन श्री संघ के सभी महानुभाव श्रावक श्राविका उपस्थित थे जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने दी

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