परमात्मा की शरण मैं जाने से ही होता है आत्म कल्याण.. साध्वी श्री
योगेन्द्र सिंह शाक्य
Mahidpur Road @ अनेक गतियों में परिभ्रमण करने के बाद मिला दुर्लभ मानव जन्म,
परमात्मा की शरण मैं जाने से ही होता है आत्म कल्याण.. साध्वी श्री
महिदपुर रोड परम पूज्य साध्वी विद्ववदगुणा श्रीजी एवं रश्मि प्रभा श्री जी म, सा ने धर्म सभा में कहा कि हमने चोरियासी लाख जीवा योनियों में परिभ्रमण किया है जिसमें नरक तियर्च के भव में असंख्य दुखों को भोगने के बाद दुर्लभ मानव भव हमें प्राप्त हुआ है अगर अब भी हम धर्म के प्रति अपनी आत्मा को जागृत नहीं कर पाए तो हमें पुनः नरक के महा दुखों को भोगना पड़ेगा। पुज्य साध्वीजी ने कहा कि संसार में कोई किसी का नहीं है सब सगे संबंधी स्वार्थ के साथी है व्यक्ति अकेला आया है ।उसे अकेला ही जाना पड़ेगा। पत्नी घर के बाहर तक तो रिश्तेदार शमशान तक ही साथ देते हैं। संसार में कोई किसी को शरण नहीं दे सकता है नहीं ले सकता है हमें शरण चाहिए तो अरिहंत सिद्ध परमात्माएसाधु एवं केवल ज्ञानी के द्वारा बताए हुए धर्म की शरण से ही हमारा मानव भव से बेड़ा पार हो सकता है और हम अपनी आत्मा का कल्याण कर सकते है ।हमें उस कमल की तरह रहना चाहिए जो कीचड़ में रहने के बाद भी उससेअलिप्त रहता है लेकिन हम संसार रूपी कीचड़ में लिप्त बने हुए धर्म सभा मे सभी समाज जन श्रावक श्राविका उपस्थिति थे उक्त जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने दी
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