प्रेमचंद गुड्डू की कांग्रेस में वापसी को लेकर कशमकश जारी

MP @ कांग्रेस में प्रेमचंद गुड्डू की वापसी को लेकर कशमकश जारी है। गुड्डू राजनीतिक पुनर्वास बतौर घर वापसी चाहते हैं, ताकि इंदौर जिले की सांवेर सीट से दावेदारी ठोक सकें। इसी के चलते सोमवार को उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात की। मुलाकात में खास यह रहा कि अब तक गुड्डू की घर वापसी का विरोध कर रहे उज्जैन जिले से विधायक महेश परमार, रामलाल मालवीय और मनोज चावला भी इस दौरान मौजूद थे।

इन तीनों विधायकों के सुर भी बदले हुए थे। उनका कहना था कि जो फैसला कमलनाथ लेंगे, वो उन्हें मान्य होगा। इधर, कमलनाथ सांवेर सीट से भाजपा को कड़ी टक्कर देने के लिए मजबूत उम्मीदवार के लिए कांग्रेस नेताओं से रायशुमारी कर रहे हैं। इसी के चलते गुड्डू की उनसे यह तीसरी मुलाकात थी। हालांकि बैठक में मौजूद रहे पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का कहना है कि अभी गुड्डू ने कांग्रेस में वापसी के लिए आवेदन नहीं किया है, जब वे आवेदन देंगे तो गुणदोष के आधार पर फैसला लिया जाएगा। इसके बाद टिकट के बारे में फैसला होगा।

2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने गुड्डू के कार्यालय का काम देखने वाले पप्पू बोरासी को आलोट से अधिकृत प्रत्याशी बनाया था, फॉर्म जमा करने दौरान उन्होंने हेराफेरी कर बी फॉर्म पर फ्लूड लगाकर बेटे अजीत बोरासी का फॉर्म भरवा दिया। यह जानकारी 2018 में टिकट वितरण के समय जब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के संज्ञान में आई तो उन्होंने गुड्डू व उनके बेटे अजीत की टिकट की दावेदारी को खारिज कर दिया। यह भनक जब गुड्डू को लगी तो उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। उस दौरान भाजपा ने तत्कालीन विधायक सतीश मालवीय का टिकट काटकर गुड्डू के बेटे अजीत को घटिया से टिकट दिया, लेकिन वे कांग्रेस प्रत्याशी वर्तमान विधायक रामलाल मालवीय से चुनाव हार गए।

गुड्डू कांग्रेस से 1998 से 2003 तक सांवेर व 2003 से 2008 तक आलोट से विधायक रहे। 2008 में वे आलोट विस से चुनाव हार गए, लेकिन 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में उज्जैन लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।

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