भोपाल में अब तक 110 स्वास्थ्यकर्मी, 41 पुलिसवाले कोरोना से संक्रमित

MP @ लॉकडाउन फेज-2 का आज 11वां दिन है। संक्रमित मरीजों और मौतों के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। राजधानी में अब तक 110 स्वास्थ्यकर्मी और 41 पुलिसकर्मी कोरोना से संक्रमित हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आशंका व्यक्त जताई है कि भोपाल में मरीजों की संख्या में और इजाफा हो सकता है। उधर, भोपाल के 1000 और इंदौर के 600 सैंपल विशेष विमान से पुडुचेरी भेजे गए। दिल्ली से भी भोपाल के 1700 सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है। कुल 8843 सैंपल की जांच रिपोर्ट पेंडिंग है।

इधर, लोगों के लिए राहतभरी खबर यह है कि अब उन्हें एक-दो दिन जरूरत की चीजों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। शुक्रवार देर रात केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन के दौरान खुलने वाली दुकानों का दायरा बढ़ा दिया है। केंद्र से नई गाइडलाइन मिलने के बाद राज्य सरकार आज शाम तक नए आदेश जारी कर सकती है। हालांकि इस दायरे में हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट एरिया को किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। यानी यहां पहले जैसी सख्ती बरकरार रहेगी।

उज्जैन में 15 की मौत, 451 मरीजों की रिपोर्ट आना बाकी
कोरोना के तीसरे हॉटस्पॉट उज्जैन में हालत हर दिन बिगड़ती जा रही है। यहां शुक्रवार को 4 संक्रमितों की मौत हो गई, जबकि 1 नए पॉजिटिव भी मिले। सीएमएचओ डॉ. अनुसुइया गवली ने बताया कि चारों मृतक मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे। यहां कोरोना से जान गंवाने वालों का आंकड़ा बढ़कर 15 हो गया। अभी 451 मरीजों की रिपोर्ट आना बाकी है। इनके अलावा कुल मरीजों की संख्या 103 पर पहुंच गई है।

बड़नगर: एक परिवार के 6 लोगों की मौत, इनमें 4 को कोरोना
उज्जैन के बड़नगर में अब तक पांच कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। लेकिन, यहां बीते एक माह के दौरान एक परिवार में 6 मौतों से दहशत बढ़ गई है, क्योंकि इन मृतकों में चार कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। जांच के लिए 50 सैंपल गए हैं, इनकी रिपोर्ट आना बाकी है। शहर में दो दिन से कर्फ्यू लगा है। मेडिकल ऑफिसर डॉ. देवेंद्र स्वामी ने बताया कि शहर के इस परिवार में करीब 25 लोग हैं। गुरुवार रात इनमें से 64 साल के पुरुष, 65 साल की महिला, 67 साल के पुरुष और संत तुकाराम पथ निवासी 64 साल के पुरुष की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इनमें से दो पुरुषों की मौत हो चुकी है। एक अन्य पॉजिटिव पुरुष का इंदौर में और एक महिला का आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज उज्जैन में इलाज चल रहा है। बाकी परिजनों की भी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें करीब 19 को क्वारैटाइन किया गया है।

1.10 लाख मजदूरों को घर लाएगी प्रदेश सरकार
मध्य प्रदेश के अन्य राज्यों में 1.10 लाख मजदूर फंसे हैं। इनकी वापसी के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बड़ा अभियान शुरू करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसके लिए गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से चर्चा की है। मजूदरों को लाने के लिए उनके परिजन को यहां से जाने की अनुमति दी जाएगी। प्रदेश में दूसरे जिलों में फंसे मजदूर भी अपने जिले में वापस जा सकेंगे। इसके लिए वे अपने या सरकार के साधनों का उपयोग कर सकेंगे। लेकिन इंदौर और दूसरे संक्रमित क्षेत्रों से किसी मजदूर को आने-जाने की अनुमति नहीं होगी।

प्रदेश में कुल 1846 संक्रमित :
इंदौर 1029, भोपाल 360, उज्जैन 102, खरगोन 61, धार 36, खंडवा 35, जबलपुर 31, रायसेन और होशंगाबाद 26-26, बड़वानी 24, देवास 22, मुरैना 16, विदिशा 13, रतलाम 12, आगर मालवा 11, मंदसौर 8, शाजापुर 6, सागर 5, छिंदवाड़ा, ग्वालियर और श्योपुर 4-4, अलीराजपुर 3, शिवपुरी और टीकमगढ़ 2-2, बैतूल में एक संक्रमित है। 3 अन्य राज्य के संक्रमित मिले।

अब तक 210 लोग स्वस्थ्य हुए :
इंदौर में 82, भोपाल में 73, खरगोन-जबलपुर में 7-7, उज्जैन 5, खंडवा 12, मुरैना 14, ग्वालियर और शिवपुरी 2-2, विदिशा, शाजापुर, रायसेन, होशंगाबाद में एक-एक स्वस्थ होकर घर भेजे गए।

अब तक 92 की मौत :
इंदौर 55, उज्जैन 11, भोपाल 9, देवास, खरगोन 6-6, आगर-मालवा, जबलपुर, धार, मंदसौर और छिंदवाड़ा में एक-एक की मौत हुई।

(स्वास्थ्य विभाग के 24 अप्रैल को दोपहर 3 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार)

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