बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मध्यप्रदेश में लागू किया जा सकता है लॉकडाउन फेज-3

MP @ लॉकडाउन फेज-2 का दसवां दिन है हालत सुधरने के की जगह चिंताजनक होते जा रहे हैं। लॉकडाउन फेज-2 की अवधि 3 मई को खत्म हो रही है। लेकिन, सूत्रों का कहना है कि इंदौर, भोपाल, उज्जैन, खरगोन सहित कुछ अन्य जिलों में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन फेज-3 लागू किया जा सकता है। हालांकि इसका फैसला 27 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्रियों की चर्चा के बाद लिया जाएगा। प्रदेश सरकार अब संक्रमण रोकने के लिए केरल मॉ़डल पर विचार कर रही है। इसको लेकर प्रदेश के डॉक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों ने केरल सरकार के कोरोना संक्रमण की रोकथाम में लगे अधिकारियों से चर्चा की है।

इंदौर में सैंपलिंग बढ़ी तो 84 नए मरीज, आंकड़ा 1029
इंदौर में गुरुवार को 84 नए मरीज मिले। कुल आंकड़ा 1029 हो गया। यह संख्या इस लिहाज से भी अहम है कि बीते 5-6 दिन से लगातार कम मरीज सामने आ रहे थे। दो संक्रमितों ने दम तोड़ दिया। यहां अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है।

उज्जैन में 102 लोग संक्रमित
उज्जैन में एक ही दिन में 42 नए पॉजिटिव मिले। यह अब तक का किसी एक दिन का सबसे बड़ा आंकड़ा है। तीन मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पिछले तीन दिन में 56 पॉजिटिव मरीज मिले। अब तक जिले में 102 लोग संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से 4 ठीक हो गए। 11 की मौत हो गई है। यहां फील्ड डॉक्टर सहित कंटेनमेंट एरिया तथा क्वारेंटाइन किए लोग पॉजिटिव पाए गए हैं।

क्या है केरल मॉडल

कोरोना से जंग में देश भर में केरल मॉडल की चर्चा हो रही है। केरल के कासरगोड में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मामले सामने आए थे। कासरगोड में 31 मार्च तक कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 106 हो गई थी। 6 अप्रैल को संक्रमित लोगों की संख्या 164 थी और इसके बाद दस दिनों में केवल 14 मामले सामने आए। संक्रमण रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के लॉकडाउन की तर्ज पर बंद के लिए तीन तरह के कदम उठाए गए।

पहला- विदेशों से, खासकर खाड़ी देशों से आए 19 संक्रमित लोगों के सीधे और परोक्ष रूप से संपर्क में आए लोगों को पूरी तरह से आइसोलेट करने के अभियान के तहत कदम उठाए गए। पहले कदम के तहत पुलिस व्यवस्था के पारंपरिक तरीके अपनाए गए। जैसे कि सड़क को बंद किया गया, हर जगह गश्त बढ़ा दी गई। इस तरह वे लोगों को घरों से निकलने से रोकने में कामयाब रहे।

दूसरा- सभी संक्रमित मामलों, घर पर क्वारैंटाइन में भेजे गए लोगों, दूसरे देशों से आए सभी लोगों और संक्रमित लोगों के सीधे या परोक्ष रूप से संपर्क में आए लोगों का स्थानिय आंकड़ा तैयार किया गया। विदेश से आए जिन लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई, उन लोगों ने अपने किन रिश्तेदारों, दोस्तों से मुलाकात की, इसकी भी सूची बनाई गई।

तीसरा- तीसरे कदम के तहत घरों के बाहर पहरा लगा दिया। प्रभावित लोगों के 10-12 घरों तक के लिए पुलिस को गश्त पर तैनात किया। पुलिसकर्मी उनके पास जाकर घरों में रहने का महत्व उन्हें समझाते थे। इसके अलावा, उनके संपर्क में आए लोगों की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। अब केरल में कोरोना कंट्रोल में है।

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