14 दिन में प्रधानमंत्री का तीसरा संदेश : 5 अप्रैल रात 9 बजे 9 मिनट घर की लाइटें करें बंद

New delhi @ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना महामारी के बीच शुक्रवार को देशवासियों के साथ 12 मिनट का एक वीडियो मैसेज साझा किया। उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ अब तक 9 दिन के लॉकडाउन में लोगों ने अनुशासन का परिचय दिया। इस रविवार 5 अप्रैल रात 9 बजे आप सब 9 मिनट घर की लाइटें बंद कर मोमबत्ती, टॉर्च, दीये या मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाएं। साथ ही मोदी ने ताकीद दी कि टॉर्च, दीये या मोबाइल की लाइट जलाते वक्त बाहर न जाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

देशभर में 2 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। कोरोना को लेकर मोदी लगातार सभी राज्यों के संपर्क में हैं। गुरुवार को उन्होंने मुख्यमंत्रियों के साथ दूसरी बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जागरुकता अभियान में धर्मगुरुओं की मदद ली जाए।मोदी इस महामारी के खतरे के बीच 3 बार राष्ट्र के नाम संबोधन दे चुके हैं। पहली बार में उन्होंने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाने और कोरोना फाइटर्स के सम्मान में ताली-थाली बजाने की बात कही थी। इसके बाद 24 मार्च के दूसरे संबोधन में 21 दिन के लॉकडाउन की बात कही थी। यह लॉकडाउन 14 अप्रैल को खत्म होगा। कोरोनावायरस के संक्रमण की चपेट में आने से देश में अब तक 60 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

मोदी के संबोधन की 3 अहम बातें

1. कोरोना के खिलाफ लॉकडाउन को आज नौ दिन हो रहे हैं। आप सभी ने अनुशासन, सेवा का परिचय दिया है। प्रशासन ने भी स्थिति को संभाला है। आपने जिस तरह 22 मार्च को जैसे कोरोना फाइटर्स को धन्यवाद दिया। उसे पूरी दुनिया अपना रही है। हमने दुनिया को भारत की सामूहिक शक्ति का अहसास कराया है।’’

2. मोदी ने कहा, ‘‘आज देश के करोड़ों लोग घरों में हैं तो किसी को भी लग सकता है कि कितने दिन और काटने पड़ेंगे। साथियों ये समय अकेले रहने का जरूर है, लेकिन हममें से कोई अकेला नहीं है। देश की भव्यता की अनुभूति करनी जरूरी है। जनता महाशक्ति है, ये लड़ाई आपके बगैर संभव नहीं है। कोरोना के अंधकार के बीच हमें प्रकाश की ओर जाना है। गरीब भाई-बहनों को कोरोना से पैदा हुई निराशा से आशा की ओर लेकर जाना है। अंधकार मय कोरोना को हराने के लिए प्रकाश फैलाना है। रविवार 5 अप्रैल को हमें 130 करोड़ देशवासियों के संकल्प को नई ऊंचाई पर लेकर जाना है। इस रात 9 बजे आप घर की लाइटें बंद करके दरवाजे पर मोमबत्ती, दिया या मोबाइल लाइट जलाएं। 9 मिनट तक।’’

3. इस दौरान प्रकाश की महाशक्ति का एहसास होगा और इससे पता चलेगा कि कोई अकेला नहीं है। हम सभी देशवाली एक संकल्प के लिए साथ हैं। इस दौरान कोई घर से बाहर न जाए और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें। कोरोना की चेन तोड़ने का यही रामबाण इलाज है। 5 अप्रैल को 5 मिनट बैठकर मां भारती का स्मरण करिए और देशवासियों के बारे में सोचिए। दुनिया में ऐसा कुछ नहीं है, जो हम ताकत से हासिल न कर पाएं। आइए एक साथ कोरोना को हराएं।

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