परमात्मा के वचनों पर सच्ची श्रद्धा ही हमें भवसागर से पार लगाती है ……महासती कीर्ति सुधा जी महाराज साहब , दान देते वक्त सोचना नहीं और देने के बाद पछताना नहीं

Yogendra Singh Shakya

परमात्मा के वचनों पर सच्ची श्रद्धा ही हमें भवसागर से पार लगाती है ……महासती कीर्ति सुधा जी महाराज साहब

दान देते वक्त सोचना नहीं और देने के बाद पछताना नहीं

Mahidpur road @ जैन स्थानक भवन में विराजित परम पूज्य महासती आजी महाराज सा एवं कीर्ति सुधा जी महाराज साहब ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमें परमात्मा के वचनों पर सच्ची श्रद्धा रखना चाहिए वहीं हमें मानव भव से भव पार लगा सकती है रोहनिया चोर जैसे महा पापी ने भी बिना श्रद्धा के परमात्मा की वाणी को सुना जिससे उसकी आत्मा का कल्याण हो गया तो हमारा क्यों नहीं हो सकता मानव के पास संपूर्ण वैभव होने के बावजूद भी वह वस्तुओं का उपयोग नहीं कर सकता है। आज पंचमआरे में हर व्यक्ति दुखी है चाहे वह रोड पति हो या करोड़पतिए कोई शरीर से दुखी है ।कोई पुत्र परिवार से दुखी है तो कोई पैसे से दुखी है मनुष्य जीवन में कब कौन सा कर्म व्यक्ति के उदय में आ जाए हमें पता नहीं चलता है कर्म व्यक्ति हंसते.हंसते बाधंता है लेकिन भुगतते वक्त पश्चाताप असहनीय दर्द व रोना आता है मएसा ने कहा कि दान देते वक्त सोचना नहीं और देने के बाद पछताना नहीं एक हाथ से अगर दान दिया जाए तो दूसरे हाथ को भी पता नहीं लगना चाहिए। दान देने से कई गुना बढ़ कर हमें वापस प्राप्त होता है आज हमें जो भी ऐशो आराम धनलक्ष्मी वैभव प्राप्त हुआ है यह पूर्वभव के पुण्य के प्रभाव का प्रतिफल है जैन स्थानक भवन में महासती जी के प्रवचन नियमित चल रहे है श्री संघ के राजेश कांठेड़ ने सभी समाज जनों से अनुरोध किया है कि अधिक से अधिक संख्या में पधार कर धर्म लाभ पुण्य लाभ लेवे गुरुवार को प्रवचन प्रभावना का लाभ अनिल कुमार रोहित कुमार काठेड़ परिवार ने लिया ।उक्त जानकारी जैन समाज को मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने दी

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