कांग्रेस के 22 बागी विधायक बेंगलुरु से दिल्ली पहुंचकर सिंधिया से मिले
MP @ बेंगलुरु में 12 दिन से ठहरे 22 पूर्व विधायक शनिवार को चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली पहुंचे। यहां भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेंद्र सिंह तोमर और विनय सहस्त्रबुद्धे से मुलाकात की। इसके बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इन सभी को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इनके आज रात ही भोपाल आने और रविवार को भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल होने की संभावना है। 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश में 15 महीने पुरानी कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी और शुक्रवार को कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
बेंगलुरु में इस्तीफा देने वाले 18 विधायक सिंधिया समर्थक हैं। जबकि 4 ने सरकार से नाराज होकर इस्तीफा दिया था। इनमें ऐदल सिंह कंसाना और बिसाहूलाल दिग्विजय समर्थक माने जाते थे। हरदीप सिंह डंग और मनोज चौधरी किसी गुट के नहीं थे।
इस्तीफा देने वाले 16 विधायक ग्वालियर-चंबल से हैं और इस क्षेत्र में सिंधिया का खासा प्रभाव है। उपचुनाव में सिंधिया के साथ ही यहां केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और शिवराज सिंह चौहान फैक्टर भी काम करेगा। कांग्रेस इस बार सिंधिया के बिना ही इन सीटों पर उपचुनाव में उतरेगी।
22 बागियों के इस्तीफे और 2 विधायकों के निधन से प्रदेश की 24 विधानसभा सीटों पर अब 6 माह के अंदर उपचुनाव होंगे। यानी अब इन 22 का भविष्य उपचुनाव पर टिक गया है। संभवत: मई-जून में चुनाव आयोग उपचुनाव करा सकता है। इनके नतीजे तय करेंगे कि नई सरकार बहुमत में रहेगी या अस्थिरता के बीच झूलेगी।
भाजपा विधायक दल की बैठक पहले शनिवार को तय थी, लेकिन कोरोनावायरस के चलते बैठक 23 मार्च तक टाल दी गई। इसमें विधायक दल के नेता का चुनाव होगा। इसमें दिल्ली से पर्यवेक्षक के रूप में धर्मेंद्र प्रधान और प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे भोपाल आ सकते हैं। 25 मार्च को नवरात्र की घट स्थापना के साथ ही भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है। जनता कर्फ्यू के कारण शपथ समारोह में देरी हो सकती है।
कार्यवाहक मुख्यमंत्री कमलनाथ शनिवार को दिल्ली रवाना होंगे। वे सोनिया गांधी से मिलेंगे और उन्हें प्रदेश के घटनाक्रम और सरकार के इस्तीफा देने की रिपोर्ट सौंपेंगे। सूत्र बताते हैं कि कमलनाथ 25 मार्च तक दिल्ली में ही रहेंगे।
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