कमलनाथ सरकार में वन मंत्री सिंघार ने ट्वीट कर पार्टी नेताओं पर तंज कसा
MP @ मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने के प्रयासों के बीच वन मंत्री उमंग सिंघार ने ट्वीट कर अपनी ही पार्टी के नेताओं पर तंज कसा। सिंघार ने लिखा- ‘माननीय कमलनाथ जी की सरकार पूर्ण रूप से सुरक्षित है। यह राज्यसभा में जाने की लड़ाई है, बाकी आप सब समझदार हैं।’ इस ट्वीट के साथ उन्होंने मजाक करने वाली तीन स्माइली बनाई हैं। उनका यह बयान दिग्विजय सिंह से जोड़कर देखा जा रहा है। झारखंड चुनाव से पहले सिंघार ने दिग्विजय पर सार्वजनिक आरोप लगाए थे। वे कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक माने जाते हैं।
माननीय कमलनाथ जी की सरकार पूर्ण रूप से सुरक्षित है. यह राज्यसभा में जाने की लड़ाई है,बाकी आप सब समझदार हैं😜😜😜
— Umang Singhar (@UmangSinghar) March 4, 2020
सिंघार के बयान को प्रदेश भाजपा प्रवक्ता लोकेंद्र पाराशर ने रिट्वीट किया। कहा- “तमाचा है उन लोगों पर जो आरोप हमारे ऊपर लगा रहे थे…अब कांग्रेसी बताएं कि कमलनाथजी की सरकार को “राजा” गिराना चाहता है या “महाराजा”।” उनका सीधा इशारा दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया पर है।
आदिवासी नेता और मंत्री सिंघार सितंबर 2019 में उस समय चर्चाओं में आए थे, जब उन्होंने दिग्विजय सिंह के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था। सिंघार ने कहा था कि दिग्विजय पर्दे के पीछे से सरकार चला रहे हैं। वे सीएम के काम में भी दखल देते हैं। यह मामला काफी तूल पकड़ा था और फिर पार्टी की अनुशासन समिति भेजा गया था।
मध्य प्रदेश में सियासी घमासान के बीच बुधवार सुबह कांग्रेस सरकार के ज्यादातर मंत्री सीएम हाउस पहुंचे और कमलनाथ से मिले, लेकिन सिंधिया समर्थक मंत्री सीएम हाउस नहीं पहुंचे। इसमें मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, प्रभुराम चौधरी का नाम शामिल है।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस के 114 और भाजपा के 107 विधायक हैं, इसलिए राज्यसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस को एक-सीट मिलनी तय है। अभी 3 में से 2 सीट भाजपा के पास है। इसलिए इस बार तीसरी सीट किस पार्टी के खाते में जाएगी, यह तय नहीं है। दिग्विजय चाहते हैं कि पार्टी उन्हें सुरक्षित सीट ही दे। दूसरी सीट ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिले। इसके पीछे दिग्विजय की सोच की वजह यह बताई जा रही है कि यदि राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग हो भी तो उन पर कोई खतरा न हो। वहीं, भाजपा का कहना है कि कमलनाथ ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा भेजना चाहते हैं, जबकि दिग्विजय इससे नाराज हैं।
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